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मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-10

सलोनी तो जहाँ की तहाँ खड़ी रह गई… अब तो जावेद की तरफ़ उसकी नजर भी नहीं उठ रही थी।

कलुआ- मैडमजी, चचा की अभी शादी भी नहीं हुई, ये तो सिर्फ़ आपकी नंगी गान्ड देखना चाह रहे हैं, और कुछ नहीं! इसके बाद हम चले जाएँगे यहां से!
कलुआ ने एक सांस में ही सब कुछ बोल दिया।

सलोनी की साँसें तेज तेज़ चलने लगी।
पप्पू भी सलोनी के पास आ कर खड़ा हो गया।
यह सब नौटंकी मेरे ड्राइंगरूम में चल रही थी।

जावेद- अबे पप्पू, जा दरवाज़ा बंद करके आ फ़टाफ़ट!
सलोनी- नहीईई… देखो ये किसी भी वक्त वापिस आ सकते हैं, तुम जल्दी से काम करके निकल जाओ यहां से!

कलुआ अब पूरी बेशर्मी पर उतर आया- वही तो मैडमजी., जल्दी से चचा को अपने नंगे चूतड़ दिखा दो, साब आ गये तो गड़बड़ हो जाएगी। वैसे भी अभी तक तो साब आए नहीं… जब आप को चोद रहे थे, तभी साब के आने का डर लग रहा था तो फ़टाफ़ट में चोदा आपको! अब जल्दी से हमारे चचाजान को अपनी गान्ड दिखा दो!

सलोनी को अचानक तेज गुस्सा आया… पता नहीं वो क्या कर डाले- मुझे तुम्हारी कोई बकवास नहीं सुननी… अभी निकलो यहाँ से… वरना अभी…

और अब जावेद ने अपना रुख बदला, कलुआ की इतनी बातें सुनने के बाद उसको लग गया कि सच में सलोनी ने इन लड़कों से चुदवाया है, वह अपने रूप में आ गया- चुप करो मैडमजी, ज्यादा शोर ना करो… हमारे बच्चों को बिगाड़ा है तुमने, बुलाओ जिसे बुलाना है, मैं भी देख लूँगा, चुप नहीं रहूँगा… बदनामी तो आपकी ही होगी!

जावेद की बात सुनते ही सलोनी के तो होश उड़ गये, वो सन्न रह गई…

उसकी समझ नहीं आ रहा था कि करे तो क्या करे??
सलोनी का चेहरा लाल हो रहा था…

सलोनी- खबरदार जो मेरे साथ बदतमीजी से बात की तो, मुँह तोड़ दूँगी! क्या कह रहा था तू? चल बुला जिसे बुलाना, मैं देखती हूँ, अभी पुलिस को फोन करती हूँ कि ये लोग मिल कर मेरे साथ बदतमीजी कर रहे थे।

सलोनी सच में अपना फ़ोन उठाने रैक की तरफ़ गई।
अब जावेद के तेवर ढीले हुए, वह सलोनी के पैरों में गिर गया- नहीं मेमसाब.. माफ कर दो… मेरा यह मतलब नहीं था। मैं तो सिर्फ़ आपकी खूबसूरती देखना चाह रहा था। मैं बिल्कुल ऐसा नहीं हूँ… बहुत इज्जत करता हूँ सभी औरतों की… हम सब को माफ कर दो मैडम!

पहले तो कलुआ और पप्पू दोनों जावेद को इस तरह गिड़गिड़ाते देख भौंचक्के से रह गये, फिर वे दोनों भी तुरन्त समझ गये और जावेद के साथ ही सलोनी के पैरों में गिर कर माफी मांगने लगे और जावेद से भी ज्यादा गिड़गिड़ा रहे थे।

पप्पू और कलुआ- हां मैडमजी, हमें माफ कर दो… आपकी जो मर्जी वो करो… हम आपका काम ऐसे ही कर देंगे, हमें पैसे भी नहीं चाहियें, हमको माफ कर दो!

यह नजारा देख कर मुझको अपनी सलोनी पर गर्व हुआ कि कैसे भी हालात को कन्ट्रोल करना उसे आता है। उसने तीन तीन मर्दों को अपना पालतू बना लिया।

तीन में से दो तो वे थे जो अभी थोड़ी देर पहले उसे पूरी नंगी करके चोद रहे थे। पर वे भी अब उससे डरे हुये थे।
सलोनी वाकयी मस्ती करने के साथ साथ मर्दों को काबू करना भी भली प्रकार जानती है।

अब सलोनी का पारा कुछ ठण्डा हुआ- ठीक है, उठो, चलो बैडरूम का सारा सामान पैक कर के यहाँ जमा करो… जो मैंने निकाल कर रखा है।
तीनों एकदम उठ कर काम में लग गये, बैडरूम में गये और सामान निकाल कर बाहर लाने लगे।

मुझको इतना वक्त भी नहीं मिल रहा था कि मैं रसोई से निकल कर बाहर जा सकूँ और फिर से आने का नाटक करूँ, क्योंकि सलोनी वहीं थी।

तभी सलोनी भी बैडरूम में गई… सलोनी के जाने के बाद मैंने कुछ वक्त इंतजार किया कि कोई बाहर ना आ जाए।
तभी पप्पू आकर एक पैकेट रख वापिस चला गया।

मैं जल्दी से रसोई से निकला और मेन गेट की तरफ़ दबे पाँव जाने लगा कि तभी मेरे कानों में सलोनी की एक आवाज सुनाई दी, ऐसे वह तभी बोलती है जब अच्छे मूड में होती है।

सलोनी- आपका नाम जावेद है चचा… आप कह रहे थे कि आप ने कभी किसी लड़की के साथ कुछ नहीं किया… कभी कोई लड़की को नंगी नहीं देखी?

इतना सुनते ही मेरे पाँव वहीं रुक गए और मैं सोचने लगा कि मैं बाहर जा कर आने का दिखावा करूँ या फिर अभी रूक कर आगे का ड्रामा देखूं?
इसी उधेड़बुन में मैं कुछ देर रुका और मेरे पाँव फिर बैडरूम की तरफ़ चले गये।

मैं रसोई के दरवाज़े के पीछे वैसे ही खड़ा होकर देखने लगा।
सलोनी अपने पैर एक पर दूसरा रख कर बेड पर लेटी थी और पप्पू-कलुआ काम में लगे हुए थे।
जावेद चचा सलोनी के पास खड़े उससे कुछ कह रहे थे- मेमसाब आप ने मुझे गलत समझा, मैं ऐसा वैसा नहीं हूँ, वो बस ग़लती हो गई!

सलोनी- तभी तो यहां मेरे सामने मेरे घर में खड़े हो वरना कब का तुम्हें धक्के मार कर निकाल देती। तुम को पता है मेरा सबसे पहला बॉयफ्रेंड तुम्हारी ही बिरादरी का था।
जावेद- क्या मेमसाब?

सलोनी- ओफ्फओ, उसका नाम शमीम था… वो तुम्हारे ही मज़हब का था… बस उसका सोच कर मैंने तुम्हें कुछ नहीं कहा!
जावेद- अह.. तो यह बात है!
सलोनी के मूड को चालाक जावेद भी अब समझने लगा- मैडमजी, बुरा ना मानो तो एक बात पूछूँ?
उनकी बाते सुनकर पप्पू और कलुआ भी अब अपना काम बंद कर चुके थे…

दोनों लड़के भी वहीं सलोनी के पास दूसरी ओर खड़े हो गए।
सलोनी- हाँ पूछो…
जावेद- मैडमजी, आपने शमीम मियां से चुदाई कराई थी या बस ऐसे ही?

जावेद का सवाल सुन कर मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई.. यह तो उसने मेरे मन की बात ही पूछ ली।

सलोनी ने गहरी नजर से जावेद की तरफ़ देखा और गहरी सांस भर कर चुप रह गई।
जावेद- क्या मैडम? आप बता सकती हो ना?
सलोनी- क्यों बताऊं मैं तुम्हें… मैंने भी पूछा था ना कि तुमने सेक्स किया या नहीं, तुमने मुझे बताया कुछ?

जावेद लड़कियों की तरह शर्माया- मैडमजी, अब इस उमर तक क्या ऐसे ही रहता… वो तो मैं गरीब हूँ इसलिए शादी नहीं हुई मेरी… पर चूतें तो कई मारी हैं!
बड़ी ढीठता से जवाब दिया उसने!

सलोनी- ओह्ह तो यह बात है… हमारे चचा तो शर्माते भी हैं? हा… हा… हा…
पप्पू और कलुआ भी हंसने लगे।

जावेद- ओ लड़को, तुम क्यों हंस रहे हो… चलो जाओ, अपना काम करो!
सलोनी- हा हा… चचा उन पर क्यूँ गुस्सा हो रहे हो.. अच्छा चचा, बताओ तो ऐसी कौन मिल गई थी आपको? या वहाँ भी मेरी जैसी ही किसी लड़की से जोर आजमाइश की थी, तेज़ बोल कर किसी अबला को डराया धमकाया था?

जावेद- अरे नहीं… ऐसा कुछ नहीं… मेरा तो लन्ड देख कर ही कई तैयार हो जाती हैं…
सलोनी- अच्छा अच्छा चचा रहने दो अब डींगें मत हांको।
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जावेद- बिल्कुल नहीं मेमसाब… मैं एकदम सच कह रहा हूँ… पहले आप मुझे बताओ शमीम के बारे में, तब मैं आपको सब बताऊँगा कि कैसे मैंने किस को चोदा!
सलोनी- बताया कि शमीम मेरा बॉयफ्रेंड था और हम काफ़ी क्लोज थे!

मैं सांसें रोके उन दोनों की बातें सुन रहा था।
क्या सलोनी अपने बॉयफ्रेंड के साथ अपने कारनामों की कहानी बाताएगी?
मुझे इंतजार है सलोनी के अगले शब्दों का!

कहानी जारी रहेगी।

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